गोण्डा। जनपद में मनरेगा के तहत बिना कार्य कराए ही फर्जी भुगतान के लिए बिल बाउचर प्रस्तुत करने के मामले में नवाबगंज के ब्लॉक के सात सचिवों पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। संबंधित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण तलब किया गया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब साक्ष्यों के साथ उपलब्ध न कराने पर एक पक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मामला नवाबगंज ब्लॉक का है। यहां मनरेगा के तहत विभिन्न वित्तीय वर्षों में सामग्री मद में भुगतान के लिए 2.52 करोड़ रुपये के बिल-बाउचर फीड किए गए थे। मार्च में बजट उपलब्ध न होने के कारण उक्त धनराशि का भुगतान नहीं हो सका। शासन स्तर पर समीक्षा के दौरान भुगतान लंबित होने पर सत्यापन के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी। सीडीओ के मुताबिक जांच शुरू होते ही 2.14 करोड़ रुपये के बिल-बाउचर वेबसाइट से डिलीट कर दिए गए। जांच के दौरान डिलीट किए गए बिल बाउचर हरदवा, परसापुर थनवा, कटराभोगचंद, नरायनपुर, रामापुर, रेहली, बालापुर, सेमराशेखपुर, इस्माइलपुर, पहली, तुरकौली, दुल्लापुर समेत 13 ग्रमा पंचायतों के हैं। रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने यहां तैनात एपीओ अकील अहमद की संविदा समाप्त कर दी थी। वहीं, बीडीओ समेत तीन को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी रवि प्रकाश मिश्र, उज्जवल यादव, जगदीश नरायन मिश्र, अनिल कुमार गौतम, गणेश प्रताप सिंह, सुनीता मौर्या व घनश्याम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। डीपीआरओ सभाजीत पांडेय ने संबंधित सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी की है।

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